दर्शन · बुराई की साधारणता
हन्ना आरेंट ने आइकमान के मुक़दमे में क्या देखा?
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1961 में हन्ना आरेंट ने होलोकॉस्ट के एक आयोजक, अडोल्फ़ आइकमान, का मुक़दमा देखा। उन्हें एक राक्षस की उम्मीद थी। उन्होंने एक नौकरशाह देखा, जो नियम मानता था, काग़ज़ों पर दस्तख़त करता था, और कभी रुककर सोचता नहीं था। उन्होंने इसे बुराई की साधारणता कहा: ऐसे आम लोगों का किया भारी नुकसान, जो सोचते नहीं। उनका इलाज था सोचना, और ख़ुद फ़ैसला करना।







